वीरगाथा काल की प्रमुख विशेषताएं कौन सी है?

नमस्कार दोस्तो, आपने अपनी जीवन के अंतर्गत अक्सर वीरगाथा काल के बारे में तो जरूर सुना होगा, या फिर कहीं ना कहीं तो इसके बारे में जरूर पढ़ा होगा। दोस्तों क्या आप जानते है कि वीरगाथा काल की प्रमुख विशेषताएं कौन सी है, यदि आपको इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, तथा आप इसके बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आज की इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको इस विषय के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं कि वीरगाथा काल की प्रमुख विशेषताएं कौन सी है, हम आपको इस विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी इस पोस्ट के अंतर्गत शेयर करने वाले हैं। तो ऐसे में आज का की यह पोस्ट आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाली है, तो इसको अंत जरूर पढ़िए।

वीरगाथा काल क्या होता है?

हिन्दी साहित्य के इतिहास में लगभग 8वीं शताब्दी से लेकर 14वीं शताब्दी के मध्य तक के काल को आदिकाल कहा जाता है। इस युग को यह नाम डॉ॰ हजारी प्रसाद द्विवेदी से मिला है। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने ‘वीरगाथा काल‘ तथा विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने इसे ‘वीरकाल’ नाम दिया है।

वीरगाथा काल की प्रमुख विशेषताएं कौन सी है?

veergatha kaal ki koi do visheshtaen likhiye

दोस्तों वीरगाथा काल को आदिकाल के नाम से भी जाना जाता है, इसके अलावा इस को सिद्ध समान काल के नाम से भी जाना जाता है। इस वीरगाथा काल का समय 1000 से लेकर 1375 के बीच है। यदि आपको वीर घटा काल की प्रमुख विशेषताओं के बारे में पता नहीं है, तो हमने यहां पर वीरगाथा काल की प्रमुख विशेषताओं के बारे में बताया है :-

1. वीरगाथा काल के अंतर्गत साहित्यकार साहित्य सर्जन के साथ-साथ तलवार चलाने के अंदर भी काफी दक्ष थे, या फिर तलवार चलाने के अंदर भी वह काफी एक्सपर्ट थे।

2. वीरगाथा काल के अंतर्गत ही साहित्य तथा भी ज्यादा विश्वास हुआ था। इससे पहले साहित्य का बहुत ही कम विकास हुआ था, लेकिन इस काल के दौरान अनेक महान कवियों ने जन्म लिया था तथा उन्होंने साहित्य को काफी बढ़ावा दिया था।

3. वीरगाथा काल के अंतर्गत की काव्य के प्रबंध तथा उक्त दोनों रूपों के अंतर्गत रचनाएं हुई थी, इससे पहले ऐसा कभी भी नहीं हुआ था।

4. वीरगाथा काल के अंतर्गत काव्य में वीर रस के साथ-साथ श्रृंगार भी पर्याप्त मात्रा में देखने को मिला था।

5. दोस्तों इस काल के अंतर्गत ही हमें युद्ध का सजीव वर्णन देखने को मिला था। इस काल के अंतर्गत हुए सभी युद्धों के बारे में उसको में सभी बातें लिखी गई है, तथा उनका पूरा वर्णन किया गया है।

तो दोस्तों वीरगाथा काल के अंतर्गत हमें यह कुछ प्रमुख विशेषताएं देखने को मिली थी।

आज आपने क्या सीखा

तो आज की इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको बताया कि वीरगाथा काल की प्रमुख विशेषताएं कौन-कौन सी हैं, हमने आपको इस पोस्ट के अंतर्गत के विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी को देने का प्रयास किया है। इसके अलावा हमने आपके साथ इस पोस्ट के अंतर्गत वीरगाथा काल से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी शेयर की है, जैसे कि वीरगाथा काल का समय कौन सा था, इसको और किन-किन नाम से जाना जाता था तथा इसकी प्रमुख विशेषताएं क्या क्या थी।

आज की इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको इस विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी को देने का प्रयास किया है। हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गई यह इंफॉर्मेशन पसंद आई है, तथा आपको इस पोस्ट के माध्यम से कुछ नया जानने को मिला है। इस पोस्ट को सोशल मीडिया के माध्यम से आगे शेयर जरूर करें, तथा इस विषय के बारे में अपनी राय हमें नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

FAQ

वीरगाथा काल के प्रथम कवि कौन है?

वीरगाथा काल के प्रथम कवि का नाम लिखिए। उत्तर : चन्दबरदाई।

वीरगाथा काल का दूसरा नाम क्या है?

एन ला हिस्टोरिया डे ला लिटरेटुरा हिंदी, एल पेरिओडो क्यू वा देसदे एप्रोक्सिमडामेंटे एल सिग्लो VII हस्त मेडियाडोस डेल सिग्लो XIV से लामा आदिकाल। एस्टे नोम्ब्रे (टेम्प्रानो) से डरिवा डेल डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी। आचार्य रामचंद्र शुक्ल के नाम “वीरगाथा काल” और विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा हैं जो इस समय “वीरकल” के नाम से जाने जाते हैं।

वीरगाथा काल की प्रसिद्ध रचना कौन सी है?

वीरगाथा काल की प्रसिद्ध रचना का नाम है, पृथ्वीराज रासो।

वीरगाथा काल का मुख्य रस कौन सा है?

पोर क्वे ला प्राइमरा एरा डे ला लिटरेटुरा हिंदी से लामो पेरिओडो वीरगाथा? लॉस पोएटस बरन डिपेंडिएंट्स डेल एस्टाडो डे एस्टे पेरिओडो हान एस्क्रिटो कोप्लास अल पोर मेनोर डे वीर रास। वीर रस प्रेडोमिना कोन एल माक्विलाजे। देबिदो अल प्रीडोमिनियो डे वीर रासा, अल्गुनोस एरुडिटोस लो ललमन पेरिओडो वीरगाथा।

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