सोना कैसे बनता है और सोने का उत्पादन कैसे किया जाता है?

दोस्तों सोना एक ऐसा तत्व है, जिसके पीछे पूरी दुनिया पागल है। पूरी दुनिया में आदमी, औरत, बच्चे सभी सोने को पाना चाहते हैं। क्योंकि यह देखने में अत्यंत ही आकर्षक पीले रंग का चमकीला धातु होता है। यह धातु आज के समय काफी मूल्यवान भी है। यह धातु पुरातन काल से ही मूल्यवान है।

लेकिन क्या कभी इस धातु को देखकर आपके मन में यह सवाल आया है कि Sona Kaise Banta Hai या सोने का उत्पादन कैसे होता है? यदि आपके मन में यह सवाल पैदा होते हैं और आप भी इन सवालों के जवाब प्राप्त करना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं।

क्योंकि आज हम आपको बताने वाले हैं कि Sona Kaise Banta Hai? सोने का उत्पादन कैसे होता है? सोने की खदान कहां पर मिलती है? जमीन में सोना कहां मिलता है? और भारत में आज के समय गोल्ड रिजर्व कितना है, तथा पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा सोना किन देशों के पास है। इन सब सवालों के जवाब आज हम आपको इसी लेख में देंगे। तो चलिए करते हैं-

सोना कैसे बनता है? | Sona Kaise Banta Hai?

दोस्तों, जितने वैज्ञानिक तथ्य सोने को लेकर पाए गए है, उनसे यह पाया गया है कि सोना किसी भी प्रकार से बनाया नहीं जाता है। यह भूगर्भ में ही पाया जाता है। सोना मूल रूप से किसी भी रासायनिक प्रक्रिया से नही बनता है।

लेकिन ऐसा माना नाता है कि भूगर्भ में कुछ जीवाश्मों के नष्ट होकर भूगर्भ की गर्मी में यह चट्टानों के बीच में एक धातु की तरह बन जाते है। कुछ विद्वानों का यह भी मानना है कि जब पृथ्वी बन रही थी और पृथ्वी एक कोयले के टुकड़े के सामान जल रही थी।

उस समय पृथ्वी पर अलग अलग प्रकार के धातु आपस में मिलकर एक लाल-पीले रंग के धातु का निर्माण करते थे, और यह कालांतर में पृथ्वी के ठंडे होने के साथ साथ चट्टानों में सोने के रूप में विद्यमान हो गया। हालाँकि इसके ठोस सबूत नहीं है।

सोने का उत्पादन कैसे होता है?

sona kaise banta hai in hindi

दोस्तों, सोने का उत्पादन भूमि के अंदर से किया जाता है। जी हां! सोना हमें जमीन के अंदर से मिलता है। जमीन के अंदर सोने की खदानों में सोना पाया जाता है। लेकिन सोने की खदान हर जगह नहीं मिलती है।

हम जानते हैं कि सोना सबसे मूल्यवान धातु है, इसलिए हम अंदाजा लगा सकते हैं कि सोने की खदानें ही बड़ी मुश्किल से मिलती है। सोना जमीन में एक जगह एकत्र ना हो करके पूरी जमीन में या खदान में फैला हुआ होता है।

जब सोने के कणों को मिट्टी के नीचे खदानों से निकाला जाता है तो कई प्रकार की प्रक्रियाओं से गुजार कर अशुद्ध सोने को मिट्टी रेत से अलग किया जाता है।

इसके पश्चात सोने को तकरीबन 13 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर पिघलाया जाता है, और जब यह तरल रूप में परिवर्तित हो जाता है, अर्थात सोना तरल रूप में परिवर्तित हो जाता है। तब उसे बिस्कुट के रूप में ढाल दिया जाता है।

जैसा कि हम जानते हैं कि पूरी पृथ्वी पर सात महाद्वीपों उपस्थित है, लेकिन उनमें से केवल अंटार्कटिका महाद्वीप ऐसा है जिसके पास सोने की खदान नहीं है। आमतौर पर सोना उत्तर दक्षिण अमेरिका अफ्रीका अफ्रीका तथा एशिया में अधिकतर पाया जाता है, लेकिन भारत में भी कोई ऐसी सोने की बड़ी खदान नहीं है जिसमें सोने का अत्यधिक उत्पादन हों।

सोना कहां मिलता है

दोस्तों, सोना जमीन के नीचे सोने की खदान में पाया जाता है, या नदियों में भी यह कई बार पाया जाता है। जब सोना जमीन पर टुकड़ों के रूप में मिलता है तो यह बहुत ही कम मात्रा में देखा जाता है। लेकिन नदियों के बहाव में सोना बड़े-बड़े चट्टानों से टूट कर बैठे हुए आ जाता है।

हर नदियों में सोने के टुकड़े नहीं मिलते हैं। लेकिन कई नदियों में बड़े-बड़े सोने के टुकड़े मिल सकते हैं। कई लोग अपनी जीवनी के नदी में सोने से ढूंढ कर चलाते हैं। भारत में में आंध्र प्रदेश और झारखंड में कुछ सोने की खदानें हैं, जहां पर बहुत कम मात्रा में सोना निकलता है।

कोलार गोल्ड फील्ड की क्या कहानी है? | Is Kolar Gold Field real?

मित्रों, मलयालम मूवी कोलार गोल्ड फील्ड अर्थात KGF में यह दिखाया गया है कि कर्नाटक राज्य के कोलर शहर में एक कोलार गोल्ड फील्ड है जहां पुराने समय से लोगों को किडनेप करके सोने की खदान में काम करवाया जाता था। क्योंकि वहां पर चूना अत्यधिक मात्रा में और आसानी से प्राप्त हो जाता था।

वहां पर लगभग हर कदम पर सोना पाया जा सकता था। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन काल से यानी कि सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर आजाद भारत तक के पूरे समय में यह कोलार गोल्ड फील्ड भारत को भरपूर मात्रा में सोना देती रही थी। इस समय के बीच 1886-2001 में तकरीबन भारत ने 602 टन सोना निकाला था।

मात्र 1956 से लेकर सन 2001 तक कोलार गोल्ड फील्ड से तकरीबन 9 लाख किलोग्राम सोने का उत्पादन हुआ था। यह आंकड़े सरकारी है, इसलिए कोलार गोल्ड फील्ड से निकाले गए सोने की मात्रा और भी अधिक हो सकती है।

भारत का गोल्ड रिजर्व कितना है?

भारत का गोल्ड रिज़र्व आज के 768 टन का है। यानी कि भारत में आज के समय 768 टन सोना हमारे रिजर्व में पड़ा है।

दुनिया में सबसे अधिक सोना किस देश के पास है और सबसे अधिक सोना उत्पादन करने वाले देश कौन से हैं?

दोस्तों आज के समय United States of America के पास सबसे अधिक सोना है। USA के पास आज के समय 8133 टन सोना उसके रिजर्व में पड़ा है। इसके पश्चात जर्मनी के पास 3359 टन सोना पड़ा है। इटली के पास 2451 टन सोना पड़ा है, तथा फ्रांस के पास 2436 टन सोना है, तथा रूस के पास 2301 टन सोना उसके रिजर्व में पड़ा है। यह TOP-5 ऐसी countries है जिनके पास सर्वाधिक गोल्ड रिजर्व है।

निष्कर्ष

दोस्तों, आज के लेख में हमने आपको बताया कि Sona Kaise Banta Hai? सोने का उत्पादन कैसे होता है? तथा सोने के बारे में हमने आपको लगभग सारी जानकारी प्रदान करने की कोशिश की है।

हम आशा करते हैं कि आज का यह लेख पढ़ने के पश्चात Sona Kaise Banta Hai? यह जानने के लिए आपको अन्य किसी लेख को पढ़ने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि आप कोई सवाल पूछना चाहते हैं, तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते है।

FAQ

कौन सी मिट्टी में सोना पाया जाता है?

उन्नाव का डौंडिया खेड़ा गांव अब अपने ‘सोने के रहस्यमयी भंडार’ के लिए पूरे देश में चर्चा का विषय है। डौंडिया खेड़ा की मिट्टी में सोना है या नहीं, यह तो भविष्य में तय होगा, लेकिन वैज्ञानिकों ने साबित कर दिया है कि कुछ पेड़ों की पत्तियों में सोना पाया जाता है।

घर पर सोना कैसे बनाया जाता है?

सोना बनाने के लिए आपको 500 ग्राम शुद्ध लोहा, पीतल और शुद्ध कांसे को लेकर अलग-अलग बर्तन में पिघलाना होगा। पिघलने के बाद इन तीनों को मिलाकर एक पैन या कटोरी का रूप दे दें। इसके बाद आपको 200 ग्राम सल्फर, 200 ग्राम ब्लू टी, 200 ग्राम नमक, 200 ग्राम कुमकुम और रस सिंदूर की आवश्यकता होगी।

सोना जमा कहां से आता है?

ज्वालामुखियों और उसके आसपास गर्म चट्टानों में सोने के खनिज बनते हैं। जब गर्म चट्टानें भूजल को गर्म करती हैं तो कम सल्फर, सोने से भरपूर हाइड्रोथर्मल तरल पदार्थ बनते हैं। इन कम-सल्फर तरल पदार्थों का एक उदाहरण येलोस्टोन नेशनल पार्क में गर्म झरने हैं। राउंड माउंटेन, नेवादा के अयस्क, विशिष्ट निम्न-सल्फर जमा हैं।

असली सोने की पहचान क्या है?

अगर आप असली और नकली सोने में अंतर करना चाहते हैं तो पानी इसमें आपकी मदद कर सकता है। दरअसल, पानी के जरिए आप सोने की गुणवत्ता का पता लगा सकते हैं। अगर सोना ऊपर तैर रहा है तो आपको पहले पानी में सोना डालना होगा। तो समझ लीजिए सोना नकली है।

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