पेट्रोल और डीजल कैसे बनता है? | Petrol kaise banta hai

Petrol kaise banta hai: दोस्तों पेट्रोल एक ऐसा ईंधन है, जिसका इस्तेमाल पूरे विश्व में किया जाता है। पूरे विश्व में पेट्रोल नाम के ईंधन का दोहन तेजी से किया जाता है।

हालांकि कई देशों में पेट्रोल जमीन से निकल सकता है, और बाकी के देश इसे बाहर से खरीदते है, क्योंकि यह इंधन अपने मूल रूप (कच्चे तेल) में भूमि के हर भाग में उपस्थित नहीं हो सकता, इसीलिए कुछ गिने-चुने देश, पूरे विश्व को तेल पहुंचाने का काम करते हैं।

जैसे कि सऊदी अरेबिया, ईरान, इराक, रूस, अमेरिका, कनाडा, ब्राज़ील इत्यादि देश ईंधन को पूरे विश्व तक पहुंचाने का काम करते हैं।

आप सभी के मन में यह विचार जरूर आया होगा कि पेट्रोल क्या होता है?, Petrol kaise banta hai? डीजल कैसे बनता है? केरोसिन कैसे बनता है? यदि आज आप इन्हीं सवालों का जवाब जानना चाहते हैं तो आज के लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताएंगे कि पेट्रोल क्या है, कौन-कौन से देश पेट्रोल निकाल सकते हैं पेट्रोल कैसे निकलता है, Petrol kaise banta hai, डीजल कैसे बनता है? तो चलिए शुरू करते हैं:-

पेट्रोल क्या है? | What is Patrol?

पेट्रोल, पेट्रोलियम का रिफाइन किया गया रूप होता है। यह एक ईंधन होता है जिसके माध्यम से वाहन चल सकते हैं, इस ईंधन से यांत्रिक ऊर्जा पैदा हो सकती है। यह एक तरल ईंधन है, जो पृथ्वी के गर्भ से निकलता है, और पृथ्वी के गर्भ से यह है पीले काले रंग में निकलता है।

इसमें कई प्रकार के हाइड्रोकार्बन मिले हुए होते हैं, यह एक ज्वलनशील तरल पदार्थ है। इसका ज्यादातर इस्तेमाल वाहनों के अन्दर किया जाता है। लेकिन जिस देशों में पेट्रोल सस्ता है, वहां पर इसका इस्तेमाल विद्युत के निर्माण में या Electricity Generation में भी किया जाता है।

पेट्रोल कहां मिलता है? | petrol kaha milta hai

पेट्रोल कैसे बनता है? | Patrol Kaise Banta hai?

पेट्रोल मूल रूप से पेट्रोलियम से निकाला जाता है।। यह पेट्रोलियम (कच्चा तेल) का एक शुद्ध रूप होता है। पेट्रोलियम एक गाढ़े काले पीले रंग का तरल होता है जो पृथ्वी के गर्भ से निकलता है। पृथ्वी के गर्भ में जो कालांतर में अरबों मानव, जानवर, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी के मृत शरीर गलने और सड़ने लगते हैं, तो यह सभी एक प्रकार से पेट्रोलियम के रूप में परिवर्तित होने लगते हैं।

समय के साथ और भूमि के दबाव से इनका तेल निकलने लगता है। यह तेल गाढ़े पीले काले रंग में निकलता है। लेकिन जिस पेट्रोल को हम इस्तेमाल करते हैं वह पेट्रोलियम का एक शुद्ध रूप होता है। जो पारदर्शी पीले-भूरे रंग का होता है।

हमारे भूगर्भ में पेट्रोल काफी सीमित मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन इसका दोहन पिछले कई सौ वर्षों से किया जा रहा है, और आज के समय लोग इस पर अपनी निर्भरता कम करने में लगे हुए हैं, ताकि आने वाले भविष्य में पेट्रोलियम के विकल्प देखे जा सके।

पेट्रोल किस देश में मिलता है? | Patrol producing Countries | Crud Oil Producing Countries

आज के समय पूरे विश्व में अमेरिका, सऊदी अरेबिया, रूस, कनाडा, चाइना, इराक, ईरान, ब्राजील, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स, कुवैत इन सभी देशों में क्रूड ऑयल मिलता है, यानी कि कच्चा तेल मिलता है। यह सभी देश सबसे अधिक कच्चा तेल पैदा करने / जमीन से तेल निकलने वाले वाले देश हैं।

पेट्रोल कैसे बनता है? | Patrol Kaise Banta hai?

मित्रों, पेट्रोल बनने की प्रक्रिया काफी Complicated है। अब हम आपको बताएंगे कि पेट्रोल बनता कैसे हैं। तो चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं कि पेट्रोल कैसे बनता है:-

जैसा कि हम जानते हैं कि पेट्रोल, पेट्रोलियम यानी कि क्रूड ऑयल जिसे कच्चे तेल के नाम से जाना जाता है उसी से अलग किया जाता है। तो पहले हम आपको बताते हैं कि क्रूड ऑयल कहां मिलता है?

क्रूड ऑयल कहां मिलता है?

दोस्तों क्रूड ऑयल हमारे भूगर्भ यानी कि पृथ्वी के गर्भ से निकलता है। पृथ्वी के गर्भ में कालांतर में पेड़-पौधे, पशु-पक्षी की हड्डियां, उनके मृत शरीर, मानव के शरीर, जीव निर्जीव-तत्त्व व इन सभी के शरीर सड़ते और गलते रहते हैं।

जब पृथ्वी के गर्भ में यह सभी तत्व अपने पूर्ण रूप में गल जाते हैं तब पृथ्वी के भूगर्भीय दबाव से और पृथ्वी की आंतरिक गर्मी से इन सभी तत्वों का तेल बाहर आने लगता है, और इससे एक चिपचिपा गाढ़े काले पीले रंग का तत्व हमारे पृथ्वी के भूगर्भ में जमा होने लगता है।

यह पृथ्वी में हर जगह पैदा नहीं होता है, बल्कि कुछ गिने-चुने जगहों पर ही यह देखने को मिलता है। जैसे कि सऊदी अरब, ईरान, इराक, रूस, कनाडा, अमेरिका, चीन, ब्राजील, कुवैत इत्यादि। इन सबके अलावा भी कई ऐसे देश है जो बहुत ही कम मात्रा में क्रूड ऑयल का उत्पादन करते हैं, या इन देशों में भी क्रूड ऑयल जमीन में मिल जाता है।

जमीन से निकालने की प्रक्रिया

इसके पश्चात बड़ी-बड़ी मशीनों के यह पता लगाया जाता है कि भूगर्भ के किस क्षेत्र में पेट्रोलियम या क्रूड ऑयल मिल सकता है। इसके बाद बड़े-बड़े मशीनों के द्वारा यह क्रूड ऑयल धरती से निकाला जाता है, और इसे बड़े-बड़े टैंकर में या कनस्तर में भरकर रख लिया जाता है, और देशों की आवश्यकताओं के अनुसार उन्हें पैसे के बदले में इसे बेच दिया जाता है।

जिस देश में भी यह क्रूड ऑयल जाता है, उस देश में इस क्रूड ऑयल यानी कि कच्चे तेल को साफ करने के लिए रिफाइनरी के बड़े-बड़े कारखाने होते हैं, रिफाइनरी के अंतर्गत कच्चे तेल को साफ किया जाता है और इसमें से पेट्रोलियम अलग किया जाता है। हालांकि अभी भी हमें पेट्रोल नहीं मिला है।

Refine करने की प्रक्रिया

पेट्रोल प्राप्त करने के लिए इसे पेट्रोलियम को जिसे क्रूड ऑयल कहा जाता है, को साफ करके अलग किया गया है। इसे बड़े-बड़े टैंकर में या बर्तनों में तेज तापमान पर उबाला जाता है, जैसे कि यदि हमें पेट्रोल चाहिए तो पेट्रोलियम को 110 डिग्री सेल्सियस तक उबाला जाता है।

जब यह पेट्रोलियम उबल कर साफ हो जाता है और तैयार हो जाता है तब हमें पेट्रोल की प्राप्ति होती है। इस प्रकार पेट्रोल बनता है। पेट्रोल तैयार होने के पश्चात इसे बड़े-बड़े टैंकर के द्वारा या पाइपलाइन के द्वारा पेट्रोल पंप तक पहुंचाया जाता है, और पेट्रोल पंप से यह हम लोगों को मिलना शुरू हो जाता है।

डीजल कैसे बनता है?

डीजल भी लगभग इसी तरीके से बनता है, जो पेट्रोलियम क्रूड ऑयल से अलग किया गया है उसे 260 डिग्री सेल्सियस तक उबाला जाता है, और 260 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर कई देर तक उबालने के बाद हमें डीजल की प्राप्ति होती है।

केरोसिन कैसे बनता है?

पेट्रोलियम को जब क्रूड ऑयल से अलग किया जाता है, तो उसे अलग करने के बाद 180 डिग्री सेल्सियस तक उबालने के बाद हमें केरोसीन तेल मिलता है, जिससे आम भाषा में मिट्टी का तेल भी कहा जाता है।

हालांकि क्रूड ऑयल के बचे हुए भारत से हम मोम, ग्लिसरीन, पैराफिन, वैक्स, तथा डामर भी बनाते हैं।

निष्कर्ष

आज के लेख में हमने आपको बताया है कि Petrol kaise banta hai. इसके अलावा हमने आपको पेट्रोल के बनने को लेकर इसके अस्तित्व तक सारी जानकारी प्रदान करने की कोशिश की है।

हम आशा करते हैं कि आपको यह लेख पढ़ने के पश्चात Petrol kaise banta hai यह जानने के लिए आपको अन्य किसी लेख को पढ़ने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि आप कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते हैं।

FAQ

पेट्रोल का निर्माण कैसे होता है?

पेट्रोलियम का निर्माण समुद्र में रहने वाले जीवों द्वारा किया गया था। जब इन जीवों की मृत्यु हुई, तो उनके शरीर समुद्र के तल पर जम गए और फिर रेत और मिट्टी की परतों से ढक गए। लाखों वर्षों में, हवा की अनुपस्थिति, उच्च गर्मी और उच्च दबाव ने मृत जीवों को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में बदल दिया।

पेट्रोल का रंग पीला क्यों होता है?

शुद्धिकरण के बाद इसका रंग पीला हो जाता है। जो सोने जैसा दिखता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी काफी कीमत है। इससे पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन तैयार किए जाते हैं।

पेट्रोल हिंदी नाम क्या है?

पेट्रोल को हिंदी में ‘शिल्टेल’ या ‘ध्रुव स्वर्ण’ के नाम से जाना जाता है। अगर हम अमेरिका की बात करें तो यहां पेट्रोल को अमेरिकी अंग्रेजी में ‘गैसोलीन’ के नाम से जाना जाता है।

पेट्रोल का दूसरा नाम क्या है?

गैसोलीन या पेट्रोल पेट्रोलियम से प्राप्त/व्युत्पन्न एक तरल-मिश्रण है। यह अधिमानतः आंतरिक दहन इंजनों में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है।

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