मच्छर के मुंह में कितने दांत होते हैं? भोजन, रोग और नुकसान

दोस्तों, मच्छर एक ऐसा कीट होता है जिसे हम सभी मारना चाहते हैं। क्योंकि मच्छर हमारा खून चूसता है, और हमें कभी शांति से बैठने नहीं देता। जब भी हम कभी आराम कर रहे होते हैं तब मच्छर हमारा खून चूसने लगता है।

मच्छर से भयंकर बीमारियां भी होती है, और महामारी भी होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मच्छर इतना छोटा होता है फिर भी इसके दांत हो सकते हैं? ऐसा हम नहीं वैज्ञानिक कहते हैं, वैज्ञानिकों का मानना है कि मच्छर के दांत होते हैं।

इसीलिए आज हम आपको मच्छर के बारे में सारी जानकारी प्रदान करते हुए बताएंगे कि मच्छर की उत्पत्ति कब हुई, मच्छर से कौन-कौन से रोग फैलते हैं, मच्छर किस प्रकार हमारा नुकसान करता है, Machhar ke kitne Dant hote hai?

इन सब के बारे में आज के लेख में हम आपको विस्तार से जानकारी देंगे।

तो चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं कि Machhar ke kitne Dant hote hai?

मच्छर की उत्पत्ति कब हुई? | मच्छर का इतिहास

दोस्तों, मच्छर मूल रूप से एक कीट होता है, लेकिन यह अत्यंत हानिकारक होता है। संसार में मच्छर लगभग सभी जगहों पर पाया जाता है। यह अपने शरीर पर हजारों जीवाणुओं का वहन करता है। मच्छर तालाब, गड्ढे, नहर में, नाली में, जलाशय में, अंधेरी जगह में ज्यादा पाए जाते हैं।

यह आमतौर पर एक लिंगी होता है। मादा मच्छर मनुष्य का रक्त चुसती है जबकि नर मच्छर केवल पेड़ों का रस चूसते हैं।

मच्छर जब हमारा खून चूसता है, तो सबसे पहले वह हमारे शरीर पर सुनने कर देने वाला एक तरल छोड़ता है जिसके कारण वह तकरीबन 30 सेकंड तक बिना हमें दर्द किए लगातार खून चूसता रहता है। मच्छर कीट की काफी पुरानी प्रजाति है।

अलास्का यूनिवर्सिटी के कुछ स्टूडेंट के रिसर्च के अनुसार यह पाया गया कि, जो मच्छर हम आम तौर पर देखते हैं वह 79 मिलियन साल पुराना है। और मच्छर के लगभग सभी प्रकार के प्रजातियों का जन्म तकरीबन 226 मिलियन साल पहले हुआ था।

आज के समय पूरी पृथ्वी पर मच्छर की तकरीबन 3600 प्रजातियां उपस्थित है। मच्छर आमतौर पर लार्वा से पैदा होता है, लेकिन कई बार यह अंडों से भी निकलते हैं। जहां भी ठंडा पानी इकट्ठा होता है वहां पर मच्छर के बच्चे आसानी से पैदा हो सकते हैं।

मच्छर कभी भी गर्म पानी में आसानी से नहीं पाए जाते। लेकिन एक बार बड़े होने के पश्चात मच्छर घर में जगह में भी आसानी से रह लेते हैं। मच्छर का काटना खतरनाक साबित हो सकता है और ऐसा कहा जाता है कि लोग मच्छर के काटने से मर जाते हैं।

मच्छर के कितने दांत होते हैं? | Machhar ke kitne Dant hote hai?

मच्छर के कितने दांत होते हैं? | Machhar ke kitne Dant hote hai?

दोस्तों, यह बात अपने आप ने हास्यपद है, लेकिन सच भी है। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैलाने वाले भयानक मच्छरों के दांत भी होते हैं, और इन मच्छरों के कोई 10-15 नहीं बल्कि कुल मिलाकर 47 दांत होते हैं। जी हां, इंसान से भी ज्यादा मच्छर अपने 47 दांतों की मदद से ही किसी भी चमड़ी को आसानी से भेज पाता है।

अपनी पाइप जैसी चोंच से अर्थात सिरिंज से खून चूस लेता है, मछलियों को आमतौर पर प्रोबोसिस कहा जाता है और इनके 47 दांतों को स्टालेट्स कहा जाता है। मच्छर के धातु के पास दुरुपयोग भी होती है, जिससे यह खून चूसने में इस्तेमाल करता है।

आपने यह जरूर सोचा होगा कि जब भी हमारा खून हवा के संपर्क में आता है तो वह जमने लगता है, अर्थात उस का थक्का जमने लगता है। लेकिन जब मच्छर हमारा खून चूसता है तो उसका थक्का क्यों नहीं जामता?

तो इसका कारण यह है कि मच्छर जब अपनी ट्यूब को हमारे शरीर में डालता है, या एग्जैक्ट करता है। तब वह एक एंटीकोगुलेंट ड्रग्स को हमारे शरीर में डाल देता है और यह ड्रग्स मच्छर के चोंच में लगी हुई होती है, जिसके कारण जब भी रखता हवा के संपर्क में आता है। यह इसके चोट के संपर्क में आता है, तब वह जमने नहीं लगता और उसका थक्का नहीं चलता।

आपको पता नहीं है लेकिन जब मच्छर खून चूसता है तब वह इतनी तेजी से खून चूसता है कि उस पर मच्छर का भी नियंत्रण नहीं रहता। इसीलिए कई बार कई मच्छर खून चूसते चूसते फट जाते हैं।

मच्छर का भोजन क्या है?

दोस्तों मच्छर का भजन अलग-अलग प्रकार की प्रजाति के लिए अलग अलग होता है। आमतौर पर एक मादा मच्छर मनुष्य जीव जंतुओं के रक्त को ही चूस कर जीवित रहती है।

जबकि एक नर मच्छर पेड़ पौधों का रस भी चूस लेता है, और मनुष्य का रक्त भी चूस लेता है। इसी के साथ गंदा पानी सड़ा हुआ खाना विष्ठा यह सभी मच्छर का भोजन साबित सकता है।

मच्छर से कौनकौन से रोग होते हैं?

दोस्तों, मच्छर से आमतौर पर कई बीमारियां फैलती है, लेकिन इनमें से पांच ऐसी बीमारी है जो आपकी जान कुछ समय में ही ले सकती है। इनके नाम कुछ इस प्रकार है-

  1. डेंगू
  2. चिकनगुनिया
  3. मलेरिया
  4. गैस्ट्रोएन्टराइटिस
  5. जिका वायरस इत्यादि

यह सभी ऐसे लोग होते हैं जो मच्छर के काटने से हो जाते हैं और यह कुछ ही समय में आप के प्राण हर सकते हैं। इसके अलावा येलो फीवर भी मच्छर के काटने से फैलता है, और फाइलेरिया एन्सेफेलाइटिस जापानी बुखार यह सभी भी मच्छर के काटने से फैलता है।

मच्छर के नुकसान

दोस्तों, मच्छर हर प्रकार से नुकसान दे है। इसके नुकसान के बारे में हम एक किताब भी लिख सकते हैं। अभी के समय हम आपको इसके कुछ ऐसे मुख्य नुकसान बताते हैं जो हमें बड़े भारी पड़ सकते हैं। मच्छर से होने वाले नुकसान कुछ इस प्रकार है-

  • मच्छर का शरीर ठंडे पानी में रहने वाला होता है, यानी कि यह ठंड में ज्यादा पनपते हैं।
  • आमतौर पर वर्षा ऋतु में बरसात में यह ज्यादा पदक जाते हैं और अधिक से अधिक बीमारियां फैलाते हैं/
  • उनके शरीर पर रेशेनुमा बाल होते हैं जो अपने ऊपर कई प्रकार की बीमारियां एक स्थान से दूसरे स्थान तक फैला सकते हैं।
  • मच्छर के काटने से भयानक रोग हो सकते हैं जिन्हें बुखार डेंगू चिकनगुनिया फीवर इत्यादि शामिल है।
  • मच्छर के वजह से खाना दूषित हो सकता है।
  • मच्छर के बैठने से कई प्रकार के जीवाणु जो घातक साबित हो सकते हैं, हमारे शरीर पर चढ़ जाते हैं।
  • मच्छर बीमारी का पूरा घर होता है, मच्छरों का होना अत्यंत हानिकारक हो सकता है काटने से हमारी मृत्यु भी हो सकती है

निष्कर्ष

आज के लेख में हमने जाना कि मच्छर किस प्रकार हमारा नुकसान कर सकता है मच्छर कौन से रोग फैलाते हैं तथा Machhar ke kitne Dant hote hai? आज के लिए हमने आपको इस लेख के बारे में सारी जानकारी उपलब्ध करवाई है। यदि इस लेख से संबंधित आप कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में कमेंट कर के पूछ सकते हैं।

FAQ

मच्छर की आयु कितनी है?

अगर मच्छरों के जीवन की बात करें तो मच्छर 2 महीने से ज्यादा नहीं जी पाते हैं। दूसरी ओर, मादा मच्छर नर मच्छर की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहती है। यदि नर मच्छरों के जीवन की बात करें तो वे केवल दिनों तक जीवित रह सकते हैं और मादा मच्छर 6 से 8 सप्ताह तक जीवित रहते हैं।

मधुमक्खी के मुंह में कितने दांत होते हैं?

मक्खियों के दांत नहीं होते। इनके मुंह के अंग ऐसे होते हैं कि ये स्पंज की तरह काम करते हैं और भोजन को सोख लेते हैं। इसलिए उनका भोजन तरल होना चाहिए।

मच्छर संभोग करते हैं?

मच्छरों में संभोग जल्दी होता है, कभी-कभी 15 सेकंड से अधिक नहीं रहता है, और आमतौर पर हवा में होता है, हालांकि यह सतह पर भी हो सकता है। नर मच्छरों के पेट पर पिनर जैसी संरचनाएं होती हैं, जिन्हें क्लैपर्स कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल वे मादा को पकड़ने के लिए करते हैं।

मच्छर का कौन सा रंग पसंद है?

पसीने में लैक्टिक एसिड, यूरिक एसिड और अमोनिया जैसे पदार्थ होते हैं और जो मच्छरों को ज्यादा आकर्षित करते हैं। एक शोध के अनुसार मच्छरों में रंगों को देखने और पहचानने की क्षमता भी होती है। वे लाल, नीले, बैंगनी और काले जैसे रंगों को आसानी से पहचान लेते हैं।

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