सूतक में लड्डू गोपाल की सेवा कैसे करें?

नमस्कार दोस्तो, जो भी व्यक्ति लड्डू गोपाल के अंतर्गत अपना मन रखता है, वह हर समय उसकी सेवा करने का प्रयास करता है। दोस्तों क्या आप जानते है कि सूतक में लड्डू गोपाल की सेवा कैसे करें, यदि आपको इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, तथा आप इसके बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आज की इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको इस विषय के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं कि सूतक में लड्डू गोपाल की सेवा कैसे करें, हम आपको इस विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी इस पोस्ट के अंतर्गत शेयर करने वाले हैं। तो ऐसे में आज का की यह पोस्ट आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाली है, तो इसको अंत जरूर पढ़िए।

सूतक में लड्डू गोपाल की सेवा कैसे करें?

जैसा कि दोस्तों आप सभी लोग जानते हैं कि सूतक के समय देवी देवताओं की पूजा करना, दीपक जलाना, आदि कार्य करना निषेध होता है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं कि सूतक के समय लड्डू गोपाल की पूजा की जा सकती है जिसके अंतर्गत यदि आपके घर में कोई भी कोई विवाहित पहनी या फिर विवाहित पुत्री है तो वह सूतक के समय लड्डू गोपाल की सेवा कर सकती है, यानी कि कान्हा जी की सेवा कर सकती है, और उनकी पूजा-अर्चना भी कर सकती है।

sutak me laddu gopal ki seva kaise karte hain

पीरियड में लड्डू गोपाल की सेवा कैसे करें?

यदि कोई भी महिला पीरियड्स के दौरान लड्डू गोपाल की सेवा करनी चाहती है, तो उसने उस महिलाओं को अनेक चीजों के बारे में सावधानी रखनी होती है। इस समय महिला को कभी भी भगवान की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना होता है। इसके अलावा उस महिला को भगवान की सेवा के दौरान रोजाना स्नान करके ही सेवा में बैठना होता है, और चार समय का बहुत भी लगाना होता है। इसके अलावा वह महिला किसी दूसरे से भी प्रसाद बनवा कर भगवान को भोग लगा सकती है।

आज आपने क्या सीखा

तो आज की इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको बताया कि सूतक के समय लड्डू गोपाल की सेवा कैसे करें, हमने आपको इस पोस्ट के अंतर्गत के विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी को देने का प्रयास किया है। इसके अलावा हमने आपके साथ इस पोस्ट के अंतर्गत लड्डू गोपाल की सेवा से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी शेयर की है, जैसे सूतक के समय लड्डू गोपाल की सेवा कैसे की जाती है, इसके अलावा यदि कोई भी महिला पीरियड्स के दौरान लड्डू गोपाल की सेवा करनी चाहती है, तो वह कैसे कर सकती है।

आज की इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको इस विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी को देने का प्रयास किया है। हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गई यह इंफॉर्मेशन पसंद आई है, तथा आपको इस पोस्ट के माध्यम से कुछ नया जानने को मिला है। इस पोस्ट को सोशल मीडिया के माध्यम से आगे शेयर जरूर करें, तथा इस विषय के बारे में अपनी राय हमें नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

FAQ

सूतक में कितने दिन पूजा नहीं करनी चाहिए?

पातक के दिनों की गणना उस दिन से की जाती है जिस दिन दाह संस्कार किया जाता है। मृत्यु के दिन से नहीं। अगर घर का कोई सदस्य बाहर है तो सूचना मिलने तक वह खुद को दोषी मानता है। 12 दिनों के बाद अगर जानकारी मिलती है तो सिर्फ स्नान करने से ही शुद्धिकरण होता है।

डिलीवरी के कितने दिन बाद पूजा करनी चाहिए?

पूर्वजों की मान्यता के अनुसार, प्रसव के बाद कम से कम 3 महीने तक किसी भी देवता की पूजा नहीं की जा सकती है।

मृत्यु के कितने दिन बाद पूजा पाठ करना चाहिए?

इसी प्रकार परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद सूतक होता है जिसमें 13 दिनों की वर्जित अवधि होती है, इसे पातक कहते हैं। गरुण पुराण के अनुसार 13वें दिन अनुष्ठान करने के बाद ब्राह्मण भोज के बाद ही पूजा शुरू करनी चाहिए।

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